




तम्बाकू बोर्ड का कर्तव्य होगा कि तम्बाकू उद्योग के विकास का संर्वान करना। उक्त साधारण उपबंधों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, इसमें र्निधिस्ट उपाय निम्नलिखित के लिए उपबंध कर सकेंगे:-
(क) निम्नलिखित कारकों से संबंधित में वर्जिनिया तम्बाकू के उत्पादन और क्यूरिंग को नियंत्रण करना:-
(ख) वर्तमान बजारों के रखरखाव और विकास करना और वर्तमान अंतरराष्ट्रीय बाजार को बनाये रखना और उसका सुधार करना तथा भारतीय वर्जीनिया तम्बाकू और उसके उत्पादों के लिए समुद्रपार नये बाजारों का विकास करना और उपयोगी सामग्री के माँग के साथ अवरोध मार्केटिंग उपायों को, जिसमें ग्रूप मार्केटिंग, सीमित ब्रांड नामों को शामिल करते हुए अपनाना ।
(ग) पंजीकृत उत्पादकों और क्यूररों व्दारा वर्जीनिया तम्बाकू के बिक्री के लिए केंद्रीय सरकार के पूर्व अनुमोदन से बोर्ड के नीलामी प्लाटफार्मों की स्थापना करना और केंद्रीय सरकार व्दारा विनिद्धिष्ट नियमों के आधीन नीलामी प्लौटफॉर्म पर एक नीलामी करने वाले व्यक्ति की तरह कार्य करना चाहे तो उसके व्दारा स्थापित किया गया हो या उससे पंजीकृत हो।
(घ) केन्द्रीय सरकार के सिफारिश किये गये अनुसार निर्यात किये जाने वाले वर्जीनिया तम्बाकू के न्यूनतम दरों को तय करना चाहिए ताकि निर्यातकों के बीच अस्वस्थ प्रतिस्पद्र्धा को दूर किया जा सके। (इसके एक्सिम नीति के अंतर्गत सरकार ने 01.04.1993 से एम.ई.पी के स्थिरीकरण को निकाल दिये जाने का तय किया है।)
(ड.) भारत में वर्जीनिया तम्बाकू मार्केटिंग के अन्य पक्ष का नियमितीकरण करना और उत्पादकों, निर्माताओं, डीलरों और देश के दिलचस्पी को यान में रखते हुए वर्जींनिया तम्बाकू को निर्यात करना।
(च) वर्जीनिया तम्बाकू के उत्पादकों, डीलरों और निर्यातकों ( पौकर्स को भी शामिल कर ) तथा तम्बाकू उत्पादों तथा अन्य संबंधित निर्माताओं को उपयोगी सूचना पहुँचाते रहना।
(छ) उत्पादकों के हित की रक्षा करने के लिए जब कभी आवश्यक अथवा उचित समझा जाता है, उत्पादकों से वर्जीनिया तम्बाकू खरीदना तथा भारत में तथा विदेशों में जब कभी उचित लगे उसका निपटान करना।
(ज) उत्पादकों के स्तर पर तम्बाकू श्रेणीकरण का विकास करना।
(झ) तम्बाकू उद्योग के विकास के लिए वौज्ञानिक, प्रॉद्योगिकी एवं आर्थिकी अनुसंधान का प्रवर्तन, सहायता, सहयोग अथवा प्रोत्साहन प्रदान करना ।