



बोर्ड, प्रतिवर्ष ग्रोयरों को विभिन्न प्रकार के निवेशों की आपूर्ति प्रतिस्पद्र्धात्मक मूल्यों में व्यवस्थित करता है और प्रति वर्ष 6% से 6.5% तक प्रतिस्पद्र्धात्मक ब्याज दरों में निवेश ऋणों को ऑफर करता है ।
वर्ष 2008-09 के दौरान आन्र और कर्नाटका के किसानों के लिए आपूर्तित उर्वरक निम्नानुसार है ।
बोर्ड, कर्नाटका के ग्रोयरों को प्रतिस्पद्र्धात्मक ब्याज दर में इनपुट ऋणों को उपलभ्य कराने के द्वारा पेस्टिसाईड/ कवकनाशी की आपूर्ति करता है । बोर्ड, आं.प्र. व कर्नाटका के ग्रोयरों को वेलग्रो- जो एक सेन्द्रिय उर्वरक/ पेस्टिसाईड है, की आपूर्ति 6% से 6.5% तक के ब्याज दरों में निवेश ऋणों के द्वारा व्यवस्थित करता है ।
आजकल, भारतीय तम्बाकू के ग्राहकों तम्बाकू में नॉन- तम्बाकू संबंधित सामग्रियों के मिश्रण ( एन टी आर एम ) के बारे में सावाधान रहते हैं । अत: बोर्ड ने एन टी आर एम का निष्कासन के आवश्यकता पर ग्रोयरों को शिक्षित करने और क्रेताओं को स्वच्छ तम्बाकू की आपूर्ति करने पुस्तिकाएँ / करपत्र आदि का वितरण, ग्रोयरों के साथ बौठके, तम्बाकू संसाधान प्लान्टों का अययन यात्रा आदि के द्वारा प्रचार अभियान को अपनाया है । बोर्ड ने, तम्बाकू को बल्किंग & श्रेणीकरण करते समय एनटीआरएम का मिश्रण को रोकने में सहायता करने सब्सिडैजड मूल्य में टार्पालिनों की आपूर्ति सुव्यवस्थित करता है ।
ग्रोयर, तम्बाकू के क्यूरिंग के लिए कोयला, लकडी या ब्रिकेट जौसे अन्य सामग्री को उपयोग करते हैं । तम्बाकू बोर्ड, इच्छुक ग्रोयरों से माँग प्राप्त करता है और मेसर्स. सिंगरेनी कॉलरीस से आन्र प्रदेश व कर्नाटका के ग्रोयरों के बखार स्थल को कोयला की आपूर्ति व्यवस्थित करता है ।
2006-07 से ग्रोयरों से विभिन्न कारणों के कारण कोयला की आपूर्ति के लिए माँग घटती जा रही है और ग्रोयर लकडी और अन्य सामग्रीयों को अधिकतर उपयोग कर रहे है । तम्बाकू क्यूरिंग के लिए आन्र प्रदेश के अधिकाधिक किसान लोग रोड के किनारों, खाली जगहों, बंजर स्थलों, नदियों/नालाओं के तटों आदि में पौदा होने वाले एक प्रकार का प्रोसोफिस जुलिप्लोरा नामक लकडी का उपयोग करते हैं । सामाजिक वनप्रान्त से प्राप्त यूकलिप्टस, कासुरिनो, सुबाबुल की खूँटियाँ भी तम्बाकू क्यूरिंग सामग्री के रूप में अधिक परिमाण में उपयोग करते हैं ।
कर्नाटाक में, तम्बाकू संसाधान के लिए कॉफी-भूसी, धान भूसी, मकई का कॉब्स, नारियल का शेल्वस भी उपयोग किया जा रहा है । ब्रिकेट्स एक पर्यावरण अनुकूल उत्पाद हैं, जो अग्रि-व्यर्थ पदार्थों से बनाते हैं, को भी कर्नाटका में उपयोगाधीन है । बोर्ड ने, बयो-पॉवर पौधों से कठिन प्रतिस्पद्र्धा के कारण, संसाधान उद्धेश्य के लिए, लकडी सामग्री के बढते हुए मूल्य को दृष्टि में रखते हुए किसानों को यह सलाह देती है कि तम्बाकू के संसाधान की आवश्यकताओं को मीट करने के लिए उनके स्वयं के लिए लकडी र्इंधन को उगाये ।